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होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz):ईरान और ओमान के बीच होरमुज जलडमरूमध्य को लेकर नए समझौते पर जल्द बनेगी बात

होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)

होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)

दोनों की संप्रभुता का सम्मान”: ईरान ने ओमान के साथ होरमुज डील के करीब पहुंचने का किया दावा

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, कूटनीति और मध्य पूर्व के मोर्चे पर एक बेहद बड़ा और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले एक नए वैकल्पिक समुद्री मार्ग को स्थापित करने के लिए ओमान के साथ उसकी उच्चस्तरीय बातचीत अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है और दोनों देश इस दिशा में एक बड़े समझौते के बेहद करीब हैं। इस पूरी कूटनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की संप्रभुता का पूरी तरह से सम्मान करना और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता को सुरक्षित रखना है।

ओमान के साथ नए मार्ग पर सहमति और कूटनीति

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई (Esmaeil Baqei) ने हाल ही में राज्य टेलीविजन को दिए गए एक विस्तृत इंटरव्यू में इस बात का बड़ा खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान और मस्कट (ओमान) एक ऐसे नए मार्ग पर आपसी समझ बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं जो दोनों पक्षों के लिए समान रूप से स्वीकार्य हो। यह नया प्रस्तावित समुद्री मार्ग मौजूदा पारंपरिक और पुराने कॉरिडोर से बिल्कुल अलग होगा। बाघेई ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह समझौता किसी एक पक्ष के दबाव में नहीं, बल्कि दोनों देशों के संप्रभु अधिकारों का पूरा सम्मान करते हुए उनके राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

वैश्विक तेल आपूर्ति और सामरिक जलमार्ग का महत्व

हालांकि इस नए वैकल्पिक मार्ग की तकनीकी और विस्तृत कार्यप्रणाली अभी आधिकारिक तौर पर पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इस क्षेत्र का वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यधिक महत्व है। सामान्य और शांतिपूर्ण दिनों में दुनिया भर की कुल तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी होरमुज जलडमरूमध्य के रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग कोनों में पहुंचता है। गत 28 फरवरी को क्षेत्र में युद्ध की शुरुआत होने के बाद से ही ईरान ने इस बेहद महत्वपूर्ण, संवेदनशील और सामरिक जलमार्ग पर अपना प्रभावी नियंत्रण और निगरानी मजबूती से कायम रखी हुई है।

वार्ता का अंतिम चरण और तटीय देशों की प्रतिक्रिया : होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)

इससे पहले, ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने देश के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से एक रिपोर्ट में बताया था कि ओमान, जो कि इस जलडमरूमध्य का दूसरा प्रमुख तटीय राज्य है, के साथ चल रही कूटनीतिक वार्ताएं अपने अंतिम चरणों में हैं और इन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया सही ट्रैक पर आगे बढ़ रही है। हालांकि, उस समय ज्यादा विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया गया था। दूसरी ओर, ओमान की राजधानी मस्कट की तरफ से इस पूरी रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। ईरानी अधिकारियों का यह भी स्पष्ट रूप से कहना है कि ओमान और ईरान के बीच नए वैकल्पिक मार्ग को लेकर बन रही यह आपसी समझ इस बात से बिल्कुल स्वतंत्र है कि भविष्य में होरमुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से दोबारा खुलेगा या बंद ही रहेगा।

अमेरिका पर तीखा हमला और पुराने समझौतों का जिक्र

ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग के बंद रहने और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति के लिए सीधे तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। प्रवक्ता बाघेई ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने अपने अंतरराष्ट्रीय वादों और समझौतों का गंभीर उल्लंघन किया है, ईरान के खिलाफ नौसेना की एकतरफा नाकाबंदी की है और इस्लामिक गणराज्य ईरान के खिलाफ कई प्रकार के शत्रुतापूर्ण कदम उठाए हैं। गौरतलब है कि इसी साल जून के मध्य में तेहरान और वाशिंगटन के बीच महीनों से चली आ रही शत्रुता को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ था, जिसमें होरमुज जलडमरूमध्य से जुड़े प्रावधान और दोनों देशों के बीच कूटनीति की बहाली शामिल थी। हालांकि, आपसी अविश्वास और एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन के गंभीर आरोपों के बाद वह डील जल्द ही ढह गई थी, जिसके बाद अमेरिकी हमले और ईरान की तरफ से क्षेत्रीय जवाबी कार्रवाई देखने को मिली थी।

निष्कर्ष

इस प्रकार, वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में ईरान और ओमान के बीच यह नया समझौता मध्य पूर्व की बदलती कूटनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक नया मोड़ ला सकता है।

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