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Nithari Serial Murder Case Surendra Koli Found Dead Haridwar: निठारी कांड का मुख्य आरोपी सुरेंदर कोली हरिद्वार में मृत पाया गया, पुलिस जांच जारी

Nithari Serial Murder Case Surendra Koli Found Dead Haridwar: देश के सबसे चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले निठारी धारावाहिक हत्याकांड (Nithari Serial Killer Case) से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मामले का मुख्य आरोपी रहा सुरेंदर कोली (Surendra Koli) उत्तराखंड के हरिद्वार में रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत पाया गया है। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

इस घटना के बाद एक बार फिर नोएडा के उस बहुचर्चित निठारी कांड की खौफनाक यादें ताजा हो गई हैं, जिसने पूरे देश की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। आइए विस्तार से जानते हैं कि हरिद्वार में कोली का शव किस हालत में मिला, पुलिस की अब तक की तफ्तीश में क्या सामने आया है और निठारी कांड का पूरा कानूनी घटनाक्रम क्या रहा था।

 

Nithari Serial Murder Case Surendra Koli Found Dead Haridwar: हरिद्वार में कैसे मिला शव और पुलिस का क्या है कहना?

स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हरिद्वार के एक इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की, तो मृतक की पहचान नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड से जुड़े सुरेंदर कोली के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, इसलिए शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

पुलिस इस बात की भी तफ्तीश कर रही है कि कोली हरिद्वार कब आया था, वह वहां किसके साथ ठहरा हुआ था और पिछले कुछ दिनों में उसकी क्या गतिविधियां रही थीं। फोरेंसिक टीम (Forensic Team) ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह स्वाभाविक मौत है या फिर इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी हुई है।

क्या था 2006 का खौफनाक निठारी कांड?

साल 2006 के अंत में उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित निठारी गांव में बिजनेसमैन मोंदिर सिंह पंढेर की कोठी (D-5) के पीछे नाले से जब छोटे बच्चों और युवतियों के कंकाल, कपड़े और चप्पलें बरामद हुई थीं, तब पूरे देश में हड़कंप मच गया था। जांच के दौरान पता चला कि कोठी में घरेलू नौकर के रूप में काम करने वाला सुरेंदर कोली मासूम बच्चों को बहला-फुसलाकर कोठी के भीतर ले जाता था।

वहां उनके साथ दरिंदगी और क्रूरता करने के बाद उनकी हत्या कर दी जाती थी और उनके शव के टुकड़ों को कोठी के पीछे नाले में फेंक दिया जाता था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच संभाली और कोली तथा उसके मालिक पंढेर के खिलाफ हत्या, अपहरण, बलात्कार और साक्ष्य मिटाने की कई एफआईआर दर्ज की थीं।

 

निचली अदालत की फांसी से लेकर हाई कोर्ट से बरी होने का कानूनी सफर

निठारी कांड की सुनवाई कई सालों तक चली और निचली अदालत (CBI Special Court) ने सुरेंदर कोली को बच्चों की निर्मम हत्याओं के कई मामलों में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा (Death Sentence) सुनाई थी। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के दौरान मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय पहुंचा।

अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव, सीबीआई की जांच में पाई गई गंभीर खामियों और इकबालिया बयान दर्ज करने में हुई कानूनी चूक के आधार पर सुरेंदर कोली और मोंदिर सिंह पंढेर को कई मामलों में बरी (Acquitted) कर दिया था। अदालत का मानना था कि जांच एजेंसियां आरोपी के खिलाफ बिना किसी संदेह के अपराध साबित करने में नाकाम रहीं। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवारों में भारी निराशा और आक्रोश देखने को मिला था।

पीड़ित परिवारों की प्रतिक्रिया और घटना का सामाजिक असर

सुरेंदर कोली के हरिद्वार में मृत पाए जाने की खबर जैसे ही निठारी गांव पहुंची, वहां के निवासियों और पीड़ित परिवारों के बीच एक बार फिर पुराने जख्म हरे हो गए। अपने बच्चों को खोने वाले माता-पिता का कहना है कि उन्हें अदालतों से तो पूरा न्याय नहीं मिल सका, लेकिन कानून और कुदरत का अपना न्याय होता है।

इस घटना ने एक बार फिर देश की आपराधिक न्याय प्रणाली (Criminal Justice System) और हाई-प्रोफाइल मामलों में जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, हरिद्वार पुलिस हर एंगल से मामले की तफ्तीश कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि सुरेंदर कोली के आखिरी पलों का सही ब्योरा जुटाया जा सके।

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