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Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA: शाहबाज़ भट्टी नेटवर्क पर मोदी सरकार का बड़ा प्रहार, गृह मंत्रालय ने UAPA के तहत घोषित किया आतंकी संगठन

Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA

Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA: गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, पाकिस्तान आधारित शहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित।

Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA: केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों और आतंकी सिंडिकेट पर एक बार फिर बड़ा और निर्णायक वार किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए पाकिस्तान आधारित ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन (Terrorist Organisation) घोषित कर दिया है।

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘ज़ीरो टॉलरेंस अगेंस्ट टेरर’ (आतंकवाद पर कतई बर्दाश्त नहीं) की राष्ट्रीय नीति के तहत गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर यह सख्त कदम उठाया गया है। सरकार की इस आधिकारिक गजट अधिसूचना के बाद देश भर में इस नेटवर्क से जुड़े तमाम वित्तीय खातों, बेनामी संपत्तियों, डिजिटल ठिकानों और स्थानीय मददगारों के खिलाफ एनआईए (NIA) तथा राज्य पुलिस की टीमों ने व्यापक शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आइए जानते हैं कि यह खतरनाक नेटवर्क आखिर क्या है, भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह कितना बड़ा खतरा था और इस कड़े प्रतिबंध के बाद देश में क्या बड़े बदलाव आएंगे।

 

कौन है शहजाद भट्टी और क्या है इसका नेटवर्क?

पाकिस्तान में शरण लेकर बैठा शहजाद भट्टी मूल रूप से एक कुख्यात अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर और सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद का मुख्य मास्टरमाइंड है। वह लंबे समय से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और वहां शरण पाए अन्य खूंखार आतंकी आकाओं के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

 

Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA: गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, पाकिस्तान आधारित शहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित।

 

गृह मंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत गजट रिपोर्ट के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) लंबे समय से भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार से आधुनिक हथियार, आईईडी (IED) विस्फोटक और भारी मात्रा में नशीले पदार्थों (Drugs) की भारत में अवैध तस्करी में शामिल रहा है। यह सिंडिकेट मुख्य रूप से पंजाब, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील राज्यों में अपने पैर पसार रहा था। यह नेटवर्क स्थानीय छोटे-मोटे अपराधियों, जेल में बंद गैंगस्टरों और भटके हुए युवाओं को पैसों का लालच देकर तथा धार्मिक व वैचारिक रूप से भड़काकर देश विरोधी हिंसक वारदातों में झोंकने का काम कर रहा था।

 

Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA: डिजिटल स्पेस में नफरत फैलाने और युवाओं को भड़काने का आरोप

केंद्रीय गृह मंत्रालय की जांच में यह बात भी साफ हुई है कि यह सिंडिकेट केवल भौतिक रूप से ही अपराध नहीं कर रहा था, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाने की गहरी साजिश रच रहा था।

यह नेटवर्क इंटरनेट, डार्क वेब और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन्स (Encrypted Apps) पर नफरत फैलाने वाली सामग्रियां (Hateful Digital Content) पब्लिश करता था। इसके जरिए स्थानीय युवाओं का माइंडवॉश कर उन्हें टारगेट किलिंग, जबरन वसूली और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों के लिए तैयार किया जाता था। हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और राज्य आतंकवाद निरोधी दस्तों (ATS) द्वारा की गई देशव्यापी छापेमारी के दौरान इस सिंडिकेट के कई अहम डिजिटल सुराग और बैंक ट्रांजैक्शन हाथ लगे थे। इन पुख्ता सबूतों के आधार पर ही केंद्र सरकार ने इसे कानून की पहली अनुसूची (First Schedule of UAPA) में 46वें आतंकी संगठन के रूप में शामिल कर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।

 

 सीमा पार से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का गठजोड़

जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी का यह नेटवर्क भारत में ‘नार्को-टेररिज्म’ (Narcotics Terror Syndicate) का एक बड़ा जरिया बन चुका था। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में गिराई जाने वाली हेरोइन और अवैध हथियारों की खेप को ठिकाने लगाने में इस नेटवर्क के गुर्गे मुख्य भूमिका निभाते थे।

इस ड्रग्स कारोबार से मिलने वाले करोड़ों रुपये के काले धन का इस्तेमाल देश के भीतर आतंकवादियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने, हथियार खरीदने और टारगेटेड हिंसा फैलाने के लिए किया जाता था। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस नेटवर्क पर UAPA के तहत बैन लगने से सीमा पार से होने वाले नार्को-टेरर नेटवर्क की रीढ़ टूट जाएगी और आतंकियों के वित्तीय तंत्र (Financial Backing) पर सीधा प्रहार होगा।

 

UAPA प्रतिबंध के बाद अब क्या होंगी कड़ी कार्रवाइयां?

किसी भी संगठन को UAPA कानून के तहत आतंकी संगठन (Terrorist Organisation) घोषित किए जाने के बाद देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों और जांच संस्थाओं को कई तरह के असीमित कानूनी अधिकार मिल जाते हैं:

  1. संपत्तियों की तत्काल जब्ती (Seizure of Assets): देश के भीतर शहजाद भट्टी या उसके नेटवर्क से जुड़ी जितनी भी चल, अचल या बेनामी संपत्तियां हैं, उन्हें कानूनन सीज और अटैच कर लिया जाएगा।

  2. वित्तीय फंडिंग पर पूरी तरह रोक: इस नेटवर्क को किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष माध्यम से वित्तीय मदद (Funding) पहुंचाने वाले, बैंक खातों का इस्तेमाल करने देने वाले या हवाला का कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ सीधी गैर-जमानती एफआईआर दर्ज होगी।

  3. सहयोगियों की तुरंत गिरफ्तारी और जेल: जो भी व्यक्ति इस संगठन का सदस्य पाया जाएगा, इसे किसी भी प्रकार की शरण देगा, या सोशल मीडिया पर इसके समर्थन में प्रचार करेगा, उसे सख्त धाराओं में बिना जमानत के जेल की सजा भुगतनी होगी।

  4. अंतरराष्ट्रीय रेड कॉर्नर नोटिस: विदेश में छिपे इस सिंडिकेट के आकाओं को भारत लाने के लिए इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस और प्रत्यर्पण (Extradition) की कार्रवाई तेज की जाएगी।

Shahzad Bhatti Network Terrorist Outfit UAPA: देश की आंतरिक सुरक्षा पर इस फैसले का असर

गृह मंत्रालय के इस ऐतिहासिक फैसले का पूरे देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह कदम न केवल अपराधियों और आतंकियों के लिए एक कड़ा संदेश है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत अब अपनी सीमाओं के अंदर या बाहर से संचालित होने वाले किसी भी सुरक्षा खतरे को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय कई गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ों (Gangster-Terror Nexus) को ध्वस्त करने में सीधी मदद मिलेगी। फिलहाल, देश भर के सभी एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि इस नेटवर्क से जुड़ा कोई भी संदिग्ध व्यक्ति देश से भाग न सके।

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