Site icon

UP Advocates Welfare Scheme & Cashless Medical Insurance: यूपी के वकीलों के लिए ऐतिहासिक फैसला, सीएम योगी ने की ₹5 लाख के मुफ्त इलाज और आधुनिक सुविधाओं की बड़ी घोषणाएं

UP Advocates Welfare Scheme & Cashless Medical Insurance

UP Advocates Welfare Scheme & Cashless Medical Insurance

UP Advocates Welfare Scheme & Cashless Medical Insurance: उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं और कानूनी जगत के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन सामने आया है। प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वकील समाज के कल्याण और सुरक्षा के लिए कई बड़े और अभूतपूर्व ऐलान किए हैं। सरकार के इन फैसलों से राज्य के लाखों वकीलों और उनके परिवारों को सीधे तौर पर भारी राहत मिलने जा रही है। आइए जानते हैं इस पूरे कार्यक्रम और मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की हर एक बड़ी बात विस्तार से।

 

1. ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा (Cashless Medical Insurance)

अधिवक्ताओं के लंबे समय से चले आ रहे स्वास्थ्य संबंधी संघर्षों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के हाईकोर्ट और जिला अदालतों (District Courts) में सक्रिय रूप से प्रैक्टिस (Practicing) करने वाले सभी अधिवक्ताओं को ₹5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक की मुफ्त कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के तहत वकीलों और उनके आश्रित परिवार को गंभीर बीमारियों या चिकित्सीय आपातकाल के दौरान बेहतरीन अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी, जिससे उन्हें आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सुरक्षा मिलेगी।

2. अधिवक्ता कल्याण निधि और मृत्यु सहायता आयु सीमा में बड़ा इजाफा

वकील कल्याण कोष (Advocate Welfare Fund) को लेकर भी सरकार ने ऐतिहासिक संशोधन किए हैं:

 

3. आधुनिक तकनीक और विधि अधिकारियों के लिए टैबलेट (Tablets for Law Officers)

बदलते दौर और डिजिटल न्याय प्रणाली (Digital Justice System) के साथ कदम ताल मिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने तकनीकी मोर्चे पर भी बड़ा दांव खेला है:

 

4. भव्य चैंबर और मल्टी-लेवल पार्किंग की सौगात

प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर के भीतर वकीलों के लिए तैयार किए गए नए बुनियादी ढांचे का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने बताया कि लगभग ₹700 करोड़ की लागत से 10 हजार से अधिक वकीलों के लिए आधुनिक चैंबर, मल्टी-लेवल पार्किंग, डाइनिंग हॉल और लाइब्रेरी का निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही, बार एसोसिएशन और मुख्य न्यायमूर्ति की तरफ से चैंबरों में फर्नीचर और जरूरी उपकरण लगवाने के लिए आने वाले हर प्रस्ताव पर राज्य सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया गया है। कौशांबी, लखनऊ, कासगंज और श्रावस्ती समेत करीब एक दर्जन जिलों में भी चैंबर निर्माण के लिए अतिरिक्त बजट जारी किया गया है।

राष्ट्र निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका सर्वोपरि

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान निर्माण तक में महान वकीलों (जैसे महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल, पंडित मोतीलाल नेहरू और मदन मोहन मालवीय) के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज देश के प्रबुद्ध वर्ग का अहम हिस्सा है जो सही मायनों में समाज की दिशा और ‘ओपिनियन’ तय करता है।

सीएम ने युवा वकीलों का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युग साइबर क्राइम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा प्राइवेसी और फिनटेक जैसी चुनौतियों का है, इसलिए ‘फ्यूचर-रेडी बार’ ही ‘फ्यूचर-रेडी जस्टिस सिस्टम’ की नींव रख सकता है। बार और बेंच (Bar and Bench) के बीच आपसी समन्वय और संवाद से ही न्याय व्यवस्था मजबूत होती है। सरकार के इन ऐतिहासिक फैसलों से पूरे उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता समुदाय में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।

 

यह खबर भी पढ़े- https://samvaadexpress.com/lucknow-tops-swachh-vayu-sarvekshan-2

यह खबर भी पढ़े – https://samvaadexpress.com/brics-summit-vegetarian-menu-row-

Exit mobile version