Bihar Flood Crisis: बिहार में एक बार फिर बाढ़ ने भारी तबाही मचा रखी है। राज्य के कई जिले गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान के चलते पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर बाढ़ से जूझते एक ग्रामीण इलाके का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पीड़ित महिला का गुस्सा प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों पर फूट पड़ा है।
वीडियो में महिला ने सीधे तौर पर सिस्टम और नेताओं की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े किए हैं, जो इस समय देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Bihar Flood Crisis: क्या है वायरल वीडियो में? (The Core Issue)
सामने आए इस वीडियो में एक महिला ने दर्द और नाराजगी भरे लहजे में बताया कि उनका पूरा गांव पिछले लगभग एक महीने से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है, लेकिन हालात सुधारने के नाम पर जमीन पर कोई सरकारी मदद नहीं दिख रही है। महिला का कहना है कि बाढ़ की वजह से उनके घरों में रखा राशन, जैसे आटा, खाने का तेल और सब्जियां, सब कुछ या तो बह गया है या पानी में पूरी तरह खराब हो चुका है। स्थिति यह है कि प्रभावित परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का भयंकर संकट खड़ा हो गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे एक महीने के दौरान सुध लेने के लिए न तो कोई स्थानीय प्रधान, पार्षद, विधायक (MLA), सांसद (MP) और न ही प्रशासन का कोई नुमाइंदा उनके गांव झांकने आया।
सीधे मुख्यमंत्री को संबोधित कर उठाया सवाल
Bihar Flood Crisis: इस वायरल वीडियो का सबसे तीखा पहलू यह है कि महिला ने अपनी बात सीधे राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व के सामने रखी है। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि वह यह वीडियो खास तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री के ध्यान में यह बात लाने के लिए रिकॉर्ड कर रही है, क्योंकि जमीनी स्तर पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली है।
वीडियो के अंत में महिला ने राजनेताओं को एक कड़ी चेतावनी भी दी है। उसने दो टूक शब्दों में कहा कि जब चुनाव के दिन आएंगे और ये नेता वोट मांगने के लिए गांवों का रुख करेंगे, तब ग्रामीण यह बिल्कुल नहीं भूलेंगे कि संकट की इस घड़ी में उन्हें उनके हाल पर अकेला छोड़ दिया गया था। यह बयान आज बाढ़ प्रभावित इलाकों में आम जनता के उस गहरे आक्रोश को बयां करता है, जो जनप्रतिनिधियों की गैर-मौजूदगी के खिलाफ लगातार बढ़ रहा है।
बिहार के अन्य हिस्सों से भी आ रही हैं ऐसी ही तस्वीरें
यह कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि इस बार के मानसून और बाढ़ सीजन में बिहार के कई जिलों से ऐसी ही तस्वीरें सामने आ रही हैं:
-
मानपुर और रटन टोला: कई गांवों के जलमग्न होने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मौके पर न पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया है।
-
राहत दौरों की राजनीति: राज्य के अलग-अलग हिस्सों में राजनेताओं के दौरे और राहत सामग्री बांटने के दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब सुर्ख़ियाँ बटोर रही हैं, जहाँ कई जगहों पर जनता और नेताओं के बीच तीखी तनातनी की स्थिति भी देखने को मिली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा के इस समय में जनता और प्रशासन के बीच की यह दूरी आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से भी एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। फिलहाल, यह वायरल वीडियो सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर छाया हुआ है और लोग इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
इसे भी पढ़े : https://samvaadexpress.com/up-advocates-welfare-scheme-cashless-medical-in/

